रोजमर्रा के कामो में हम खुद  को इस कदर छिपा लेते है की सेहत के साथ साथ मानसिक परेशानियां भी सामने आने लग जाती है | एक समय था जब हम बस या ट्रैन की यात्रा के दौरान किताबे या अखबार पढ़ा करते थे  और लाइब्रेरी में अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल जाती  पर मोबाइल के आने के बाद मनुष्य मोबाइल का आदि हो चूका है | आजकल मेट्रो और बसों में लोग किताबो की बजाय फ़ोन में इयरफोन लगाकर कुछ न कुछ देखते रहते है पर यकीं मानिये किताबे पढ़ने के अपने ही फायदे है जो आपके निजी जीवन में बदलाव ला सकते है | तो आइये जानते है किताबो को पढ़ने के फायदे –

किताबे सुकून देती है- 

 इस भागदौड़ भरी लाइफ में है परेशानियों का होना स्वाभाविक है  चाहे वो आपके घर परिवार की हो या ऑफिस के काम की | इन परेशानियों को दूर करने का एकमात्र अच्छा विक्लप है किताबे पढ़ना जिसमे आपको लेखक एक अनोखी दुनिया में ले जाते है और आप उसमे इस कदर खो जाते है जिससे आपको आनंद और मन में शांति का अनुभव होता है | किताबो को पढ़ने के बाद नींद भी बेहतरीन आती है इसीलिए सोने से पहले किताबे पढ़ना एक अच्छा विक्लप हो सकता है |

याददाश्त  में बढ़ोतरी –

जाहिर सी बात है किताबो को पढ़ने से आपको हमेशा कुछ न कुछ नया सिखने को तो मिलता है पर इससे आपकी रूचि बन जाती है और आप शब्दों की गहराइयों में खो जाते है | किताबो को पढ़ने से ज्ञान के साथ साथ उच्चारण शब्दों का भंडारण बढ़ जाता है | जिससे आप एक बात को भी अनेको शब्दों के माध्यम से कह सकते है  जिससे आपके सामने वाला रूचि लेकर आपकी बातें सुनेगा |

जिज्ञासा बढ़ेगी- 

नयी नयी किताबो को पढ़ने से आपके दिमाग में अजीब सी जिज्ञासा बन जाती है और आप नया पढ़ने के शौकीन हो जाते हो | किताबे किसी विशेष विषय पर ही लिखी जाती है तो इसके कारण आपके रोज नया सीखना चाहते है और ये जिज्ञासा आपकी लाइफ को बेहतरीन बना देती है  |

कम्युनिकेशन बेहतर होता है –

जाहिर सी बात है किताबो की पढ़ने से आपके दिमाग में नए नए ख्याल आना जायज़ है और आपके सोचने की शक्ति बढ़ जाती है | इसके लिए आपको नॉवेल  या साहित्य पढ़ने चाहिए जिससे आपका ज्ञान तो बढ़ेगा ही पर साथ साथ बोलने और लिखने की कला में आपको महारत हासिल हो जाएगी | बस इसी चीज़ से लोग आपकी बातों को गभीरता से सुनना  पसंद करेंगे |

कल्पना करने की शक्ति बढ़ती है –

जब किताबे पढ़ते है तो हम काल्पनिक दुनिया में खो जाते है , जिससे हमारे दिमाग में एक कल्पना बन जाती है | इससे आपके सोचने की शक्ति के साथ साथ कल्पनाशक्ति का दायरा बढ़ जाता है और आपका दिमाग ज्यादा क्रिएटिव हो जाता है | किताबे पढ़ने से नए किस्म के विचार आप आसानी से सोच लेते है जिसका असर आप अपने ऑफिस में प्रमोशन के रूप में देख पाएंगे |